नाम बताने से वोह रुस्वाह हो जाएंगे


नाम बताने से वोह रुस्वाह हो जाएंगे,
ना वोह जी पाएंगे ना हम मर पाएंगे,
रहने दो उन्हें गुमनाम इन्ही दीवारों में,
जाएंगे तो वापिस शायद नहीं वोह आएंगे!!

सब कुछ बेगाना हो गया है!!


धोका खाकर दिल बेसहारा हो गया है,
दुश्मन ना था कोई पर हर कोई अब रंजिश में हो गया है;
सोचता हूँ के क्या बुरा किया था मैंने,
की अपनों में ही सब कुछ बेगाना हो गया है!!

कल मुसकरा कर फिर मिल जाएंगे


हर राह पर तकाज़ा करेंगे आपका, शायद कभी तो मिल ही जायेंगे,
आज जा रहें हैं रोते हुए, कल मुसकरा कर फिर मिल जाएंगे !!

शिकवा नहीं है अब उससे


रोज़ अपनी ही तैलाश में निकलता हूँ सवेरे,
पर अपने आप को न पा पता हूँ,
जिंदगी भी अब परेशान है मुझसे,
शिकवा नहीं है अब उससे।

अपनी ही तैलाश में हूँ, गैरों कि तरह


अपनी ही तैलाश में हूँ, गैरों कि तरह,
ज़माने के साथ हूँ, बेसहारों कि तरह!
न जाने कब यह ज़िंदगी सुधर जायेगी,
खो गया हूँ यहाँ ख्यालों कि तरह!!

आज ज़माने से हार चूका हूँ मैं


आज ज़माने से हार चूका हूँ मैं,जिससे करता हूँ प्यार ना पा सका हूँ मैं,

वोह संगदिल हसीना पास ही थी मेरे,  पर उससे बहुत दूर जा चूका हूँ मैं!!